आज हम आपके लिए लेकर आए हैं मोमबत्ती के व्यवसाय की जानकारी इस पोस्ट में हम आपकी यह जानने में मदद करेंगे की मोमबत्ती बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें और मोमबत्ती के व्यवसाय को शुरू करने में कितनी लागत आती है नए उद्यमियों और स्टार्टअप के लिए यह एक सुनहरा अवसर हो सकता है क्योंकि मोमबत्ती एक ऐसी चीज है जिस की डिमांड मार्केट में लगातार बढ़ती ही जा रही है और इसकी  मांग शायद ही कभी खत्म हो यह देखा गया है कि भारत में मोमबत्ती अक्सर कई त्योहारों, जन्मदिन, पूजा स्थल, धार्मिक कार्य आदि में इस्तेमाल की जाती है और भारत को त्योहारों की भूमि मानी जाती है इसलिए भारत में मोमबत्ती का व्यवसाय एक अच्छा विकल्प हो सकता है भारत एक ऐसा देश है जिसमें स्कूल और  बैंकों में त्योहारों के कारण 6 महीने में ही इतनी छुट्टियां पड़ती है जितनी बाकी देशों में 1 साल में भी नहीं पड़ती इसी बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि भारत में त्योहारों को कितना ज्यादा मनाया जाता है और मोमबत्ती ज्यादातर त्योहारों का हिस्सा भी बनती है यदि हम बात करें दीपावली की तो महज़ दीपावली में ही न जाने कितनी मोमबत्तियां और दिए जलते हैं।

मोमबत्ती का बिजनेस कैसे शुरू करें

सबसे पहले तो आप वित्तीय योजना बना लो – विक्की योजना बनाने से आपको साल भर में होने वाले खर्चे का अंदाजा लग जाएगा और आप एक lमसम अमाउंट जमा कर सकेंगे यदि आप लोन लेना चाहते हैं तो मोमबत्ती का व्यवसाय शुरू करने से पहले ही उसमें कितना ब्याज कटता है उसकी सारी जानकारी आप इकट्ठे कर ले यदि आप पहले ही एक चार्ट तैयार कर लेंगे और उसमें तमाम सामग्रियों को नोट कर किस में कितना खर्चा आता है इसका एक एस्टीमेट वैल्यू निकाल लेंगे तो आपको व्यवसाय शुरू करने मैं ज्यादा समस्या नहीं होगी कुछ व्यवसाय में सरकार की तरफ से सब्सिडी भी मिलती है और सब्सिडी लोन से कहीं ज्यादा फायदेमंद होती है इसलिए सब्सिडी की इंक्वायरी जरूर करें 

मोमबत्ती का व्यवसाय शुरू करने के लिए स्थान की आवश्यकता

मोमबत्ती का व्यवसाय आप अपने घर के छोटे कमरे या किराए पर कोई दुकान लेकर भी शुरू कर सकते हैं आप महेश 14 बाय 15 या 10 बाय 10 की दुकान से भी मोमबत्ती के व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं इस व्यवसाय की खासियत यह है कि इसमें ज्यादा बड़े स्थान की आवश्यकता नहीं पड़ती है पर आपको इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि आपके पास इतना स्थान हो यहां मोमबत्ती को पिघलाने की जगह बन सके यदि आप छोटी दुकान या कारखाने से शुरुआत करते हैं तो आपके पास इतना स्थान हो जहां इसे एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सके मोमबत्ती  की कच्ची सामग्री स्टोर करने के लिए आपके पास पर्याप्त जगह उपलब्ध हो हालांकि इसके लिए ज्यादा बड़ी जगह नहीं चाहिए 6 बाय 6 के एरिया में भी आप मोमबत्ती कच्ची सामग्री को आराम से स्टार्ट कर सकते हो दुकान या कमरे का आकार और सजावट इस तरह की होनी चाहिए कि आप काम को आसानी और व्यवस्थित ढंग से अंजाम दे सको 

मोमबत्ती बनाने में लगने वाला समय

मोमबत्ती बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता है यह निर्भर करता है कि आप मोमबत्ती हाथों से बना रहे हैं या मशीनों के द्वारा बना रहे हैं यदि मशीनों के द्वारा बना रहे हैं तो या काफी जल्दी बन जाती है मशीनें भी दो प्रकार की होती हैं स्वचालित मशीनों व अर्द्ध स्वचालित मशीन स्वचालित मशीनों से तात्पर्य है ऑटोमेटिक मशीन जो खुद ब खुद कार्य करती है महज एक बटन दबाते ही और अर्ध स्वचालित मशीनें में एक व्यक्ति एक मशीन की देखरेख में लगा रहता है और उसे कुछ कार्य अपने हाथों से करने होते हैं और बाकी कार्य मशीन खुद बहुत करती है यदि हम बात करें अर्ध स्वचालित मशीन की तो वह मशीन 15 मिनट में  300 मोमबत्तियां का उत्पादन कर लेती है

मोमबत्ती कैसे बनती है 

मोमबत्ती बनाने की विधि – मोमबत्ती को हाथों से बनाने के लिए मोम को 290 डिग्री से 380 डिग्री तक पिघलया जाता है उसके बाद मैं उनको मोमबत्ती बनाने का सांचा में डाला जाता है और कुछ समय ठंडा होने के लिए ऐसे छोड़ दिया जाता है उसके पश्चात मोमबत्ती में धागा डाला जाता है या धागा ड्रिल मशीन के द्वारा  या सुई द्वारा डाला जाता है  उसके बाद इसमें गर्म मोम डाली जाती है और हां अब  बिक्री करने के लिए तैयार है  अतः उसकी पैकिंग की जाती है और बिक्री के लिए दुकानों में सप्लाई कर किया जाता है। 
मोमबत्ती बनाते वक्त सावधान रहना जरूरी
वैसे तो 290 डिग्री से 380 डिग्री मोमबत्ती बनाने के लिए अनुकूल मानी जाती है किंतु आपको सदैव सावधान रहना चाहिए क्योंकि तापमान पर किसी का कंट्रोल कभी-कभी बिगड़ सकता है और ऐसे में आग लगने का खतरा हो सकता है इसलिए हमेशा फर्स्ट एड बॉक्स रखें और आग बुझाने  वाला पंप गैस सिलेंडर जरूर रखें इस सिलेंडर में एक खास प्रकार की गैस होती है जिसे चढ़ाते ही आग काफी जल्दी  बुझ जाती है अपने यहां सिलेंडर कहीं ना कहीं बड़े-बड़े मॉल्स में दीवारों में शीशे के अंदर लगा हुआ देखा होगा यह सिलेंडर आपको सिनेमा फॉल्स में भी देखने को मिल जाता है 

मोमबत्ती बनाने की सामग्री की सूची

मोमबत्ती की कच्ची सामग्रियां खरीदने के लिए आपको थोक विक्रेताओं को संपर्क करना चाहिए क्योंकि वहां पर आपको कम दाम में ज्यादा मात्रा में कच्ची सामग्री उपलब्ध हो सकती है उनके अलावा आप ऑनलाइन शॉपिंग भी कर सकते हैं  कुछ बेहतरीन ऑनलाइन बाजार के नाम इस प्रकार से हैं इंडिया मार्ट, जस्ट डायल, अमेज़न आदि। यदि आप सोच रहे हैं की मोमबत्ती बनाने में क्या-क्या लगता है तो हम आपको बता दें कि मोमबत्ती बनाने के लिए पैराफीन मोम, बर्तन, कैस्टर तेल, मोमबत्ती के धागे, अलग अलग प्रकार के रंग, खुशबू के लिए सेंट, थर्मामीटर आदि का प्रयोग होता है।

यदि आप ऑफलाइन मोमबत्ती की कच्ची सामग्री खरीदना चाहते हैं तो कुछ कंपनी में नाम इस प्रकार से हैं जिन्हें –
पूजा क्राफ्ट एंड एंब्रायडरी, बोरीवली, महाराष्ट्र
वेलबोर्न कैंडल्स, बीदादी, बेंगलुरु
कैंडल चैम लिंक इंटरनेशनल, मुंबई, महाराष्ट्र 

मोमबत्ती की पैकिंग का काम

मोहम्मद तैयार होने के बाद अंत में मोमबत्ती पैकेजिंग का काम किया जाता है यह काम अपने आप में एक बहुत ही महत्वपूर्ण काम है इसे आप बिल्कुल भी हल्के में ना लें मोमबत्ती पैकेजिंग का काम हाथों से और मोमबत्ती फिलिंग मशीन दोनों  प्रक्रिया से की जा सकती है अत्याधिक गर्मी या अन्य किसी वजह से मोमबत्ती का कहीं रिसाव ना हो इसलिए सही तरीके से मोमबत्ती पैकेजिंग का कार्य करना आवश्यक है मोमबत्ती पैकेजिंग का कार्य उनके कलर के हिसाब से अलग-अलग रंगीन पेपरों में किया जाता है और साथ ही इसे डब्बू और कंटेनर में पैक किया जाता है

मोमबत्ती पैकेजिंग के लिए किन चीजों का इस्तेमाल करें

मोमबत्ती पैक करने के लिए आप पतले से कार्डबोर्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं इन कार्डबोर्ड बॉक्स का चुनाव मोमबत्ती के आकार के हिसाब से करें किसी रंगीन पेपर मैं आप मोमबत्तियां को लपेटकर कार्डबोर्ड बॉक्स में डाल सकते हैं
उसके बाद कार्डबोर्ड बॉक्स के बाहर से अपने ब्रांड का नाम लगा दें यह नाम आप एक स्टीकर के ऊपर चिपका सकते हैं रंगीन पेपर जो कालू बस के अंदर डाले हैं जिसमें मोमबत्ती फेक है उस पर भी आप यह स्टीकर लगा सकते हैं यदि आपकी कोई वेबसाइट है तो उसका नाम भी अवश्य मेंशन करें ताकि आप जब भी अपना ऑनलाइन स्टोर खोलें तो मोमबत्ती को बेचने में आपको काफी ज्यादा आसानी हो पाएगी

मोमबत्ती के बिजनेस में कितनी लागत आती है

मोमबत्ती का व्यवसाय आप 25000 से लेकर 50000 के बीच में भी शुरू कर सकते हैं इसे आप लघु उद्योग के रूप में शुरू कर सकते हैं और धीरे-धीरे अपने बिजनेस को ग्रो कर सकते हैं 

मोमबत्ती बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

मोमबत्ती बनाने के बिजनेस में आगे चलकर कोई रुकावट ना आए इसलिए पहले ही  कुछ कानूनी प्रक्रियाओं को लीगल तरीके से पूरा कर लें 
व्यापार का रजिस्ट्रेशन – जिस शहर से भी आप व्यापार शुरू कर रहे हैं वहां से पर मत प्राप्त कर लें और एसएसआईटी यूनिट में पंजीकरण करा लें किसी भी व्यापार को शुरू करने से पहले लीगल तरीके से उसके दस्तावेज व्यापार संबंधित ऑफिस में जमा कराना आवश्यक होता है ताकि आने वाले समय में कोई भी इलीगल नोटिस आपको ना मिले 

व्यवसाय पैन कार्ड – अपने व्यापार संबंधित पैन कार्ड के लिए अप्लाई करें और सबसे पहले व्यवसाय पैन कार्ड प्राप्त करें 
व्यवसाय खाता –  जैसे खाते के कुछ महत्वपूर्ण फायदे हैं  सबसे पहले तो आपको व्यवसाय संबंधित कोई भी सामान खरीदने में आसानी रहेगी इस खाते के तहत आप बड़े पैमाने पर राशि खर्च कर सकते हैं दूसरा बड़ा फायदा यह होगा कि इससे आपको निजी खाते को अलग करने में सुविधा मिलेगी जिससे आपको यह पता चलेगा कि आप अपने व्यवसाय में कुल कितना खर्च कर रहे हैं सीधे शब्दों में कहें तो आप अपने व्यवसाय खाते को ट्रैक कर सकेंगे
 
राज्य पंजीकरण –   करों के भुगतान के लिए आपको राज्य पंजीकरण कराने की आवश्यकता पड़ेगी  कर भुगतान  हर राज्य मेंआमतौर पर साल में एक बार होता है प्रति सुविधा के लिए आप अपने राज्य के कर नियमों की अच्छी तरह से जांच कर ले 
कंपनी का नाम पंजीकृत – व्यवसाय चाहे छोटे पैमाने पर हो या बड़े पैमाने पर हो हमें अपनी कंपनी का नाम हमेशा पंजीकृत कराना चाहिए इससे एक ब्रांड को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है अपनी कंपनी का नाम सोच समझ कर रखें और जो भी आप कार्य करते हैं उस से मिलता जुलता रखेंगे तो आपको फायदा मिलेगा सबसे पहले अपनी कंपनी का नाम आप ट्रेडमार्क में पंजीकृत करा लें और इस नाम को सुरक्षित कराने ताकि कोई और व्यक्ति इस नाम की कंपनी ना खोल सके और उसके बाद वैट स्टेशन के लिए आवेदन जरूर कराएं

इआईएन  नंबर के साथ पंजीकरण – इआईएन नंबर को  नियोक्ता पहचान संख्या भी कहते हैं अपने व्यापार को आईआरएस से पहचान संख्या दिलाने के लिए आपको इआईएन नंबर पंजीकृत कराना आवश्यक है आईआरएस की वेबसाइट पर जाकर भी आप इआईएन  नंबर को रजिस्टर करा सकते हैं

मोमबत्ती बनाने की मशीन 

मोमबत्ती बनाने की मशीन बाजार में आपको आसानी से मिल जाएगी मोमबत्ती बनाने की मशीन को कैंडल मशीन कहा जाता है  मोमबत्ती बनाने की मशीन मशीन की कीमत  अलग-अलग राज्यों के बाजारों के हिसाब से कम ज्यादा हो सकती है यह कीमत 35000 से लेकर ₹200000 के बीच हो सकती है  कैंडल मशीन प्राइस मुख्य तौर पर मोमबत्ती बनाने की मशीन के उत्पादन क्षमता पर निर्भर करती है कुल मिलाकर तीन प्रकार के मोमबत्ती की मशीन होती है वे तीनों प्रकार नीचे दिए गए हैंमैनुअल मशीन,  मोमबत्ती बनाने की अर्धस्वचालित मशीन, ऑटोमेटिक मशीन ज्ञानी पूर्ण स्वचालित मशीन मैनुअल मशीन – इस मशीन को चलाने के लिए एक व्यक्ति की आवश्यकता होती है और यह चलाने में आसान होती है मैं मशीन से 1 घंटे बाद 600 मोमबत्तियां निर्माण कर सकती  हैअर्द्ध स्वचालित मशीन – यह मशीन कुछ बटन से और कुछ व्यक्ति के द्वारा काम करती है यह मैनुअल मशीन से थोड़ी अलग होती है और थोड़ी सी एडवांस  होती है इस मशीन में मोम को ठंडा न करने के लिए पानी का संचालन भी होता है पूर्ण ऑटोमेटिक मशीन – यह तीनों मशीनों में से सबसे ज्यादा एडवांस मशीन है इस मशीन में आप प्रति मिनट 250 से 300 मोमबत्तियां का निर्माण कर सकते हैं या मशीन अलग साइज की  मोमबत्ती का निर्माण करती है इस मशीन से हर आकार की मोमबत्तियां बनती है जैसे गोल चकोर, लंबी, छोटी व अन्य ढांचे 

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