उत्तराखंड स्थित उत्तरकाशी में बन रहे टनल में भूस्खलन की वजह से बाधा पड़ी। 3 कोशिश के बावजूद भी काम दोबारा शुरू नहीं हो पाया और 40 श्रमिक टनल के अंदर नीचे फंस गए

यह एक सरकारी प्रोजेक्ट है, ऑल वेदर प्रोजेक्ट के अंतर्गत बन रहा है। टनल बनने के बाद गंगोत्री और यमुनोत्री के बीच की दूरी कम हो जाएगी। सिल्कयारी से बड़कोट के बीच की दूरी 26 किलोमीटर से घटकर मात्र 4.5 किलोमीटर रह जाएगी। जो रास्ता पहले कई घंटे में पूरा होता था वह टनल बनने के बाद चंद घंटे में पूरा किया जा सकेगा। यह टनल ऑल वेदर योजना के अंतर्गत आता है और इसके बनते ही रास्ते की दूरी एक घंटा कम हो जाएगी। 

उत्तरकाशी सिल्कयारा टनल ऑल वेदर रोड उत्तराखंड 

सिल्कयारा टनल प्रोजेक्ट क्या है – सिल्कयारा टनल प्रोजेक्ट एनएचआईडीसीएल के द्वारा नवयुवक इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है जिसकी लागत 853 करोड रुपए है। सिल्कयारा टनल की लंबाई 4.5 किलोमीटर है, यह टनल बरकोट और सिल्कयारा नामक स्थान पर पड़ता है।

सिल्कयारा टनल का उद्देश्य यमुनोत्री तथा गंगोत्री के बीच के फैसले को कम करना है। सिल्कयारा टनल भारतीय सरकार की ऑल वेदर योजना को सक्षम करने के लिए बनाया जा रहा है। यह बताया जा रहा है कि इस टनल के पूरा होते ही सिल्कयारी से बड़कोट के बीच की दूरी 26 किलोमीटर से घटकर मात्र 4.5 किलोमीटर रह जाएगी परिणाम स्वरूप यात्रा का समय एक घंटा घट जाएगा।

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उत्तराखंड का उत्तरकाशी टनल टूटा 40 श्रमिक फंसे

उत्तर भारत में एक ध्वस्त सुरंग के अंदर फंसे 40 श्रमिक को बचाने का कार्य लगातार चल रहा है जिसमें पहाड़ की चोटी से नीचे ड्रिलिंग भी की जा रही है। उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी में टनल के कार्य में हुई इस घटना को सुधारने के लिए साइट पर ड्रिलिंग मशीन रखी जा रही है। श्रमिकों तक पहुंचने के लिए अलग मुहाने का इस्तेमाल भी किया जाएगा वही मलबे को हटाकर 40 मजदूर तक पहुंचने के तीन प्रयास अब तक फेल हो चुके हैं।

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गौरतलब है कि पिछले रविवार निर्माण धीर सुरंग का एक हिस्सा भूस्खलन के कारण ढह गया था परिणाम स्वरुप 40 मजदूर टनल के अंदर नीचे की और कहीं फस गए। अच्छी बात यहां है किउन पुरुष मजदूरों से संपर्क साथ लिया गया है और उन्हें पानी भोजन तथा ऑक्सीजन पहुंचाया जा रहा है। 

शनिवार 19.11.23 को नवीनतम बचाव प्रयास किए गए और इस बारे में उत्तरकाशी के जिला वन अधिकारी डीपी बलूनी ने कहा “सुरंग के ठीक ऊपर एक स्थान की पहचान की गई है औरउसे स्थान को चिन्हित किया गया है ताकि ड्रिल मशीन द्वारा वहां एक होल तैयार किया जा सके। 

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संबंधित प्रश्न उत्तर 

सिल्कयारा टनल कहां स्थित है?

यह टनल उत्तरकाशी, सिल्कयारा से बड़कोट के बीच है।

सिल्कयारा टनल की लंबाई कितनी है?

सिल्कयारा टनल की लंबाई 4.5 किलोमीटर है।

सिल्कयारा टनल किसके अंतर्गत बन रहा है?

एनएचआईडीसीएल द्वारा ऑल वेदर प्रोजेक्ट योजना केअंतर्गत इस प्रोजेक्ट को बनाया जा रहा है।

सिल्कयारा टनल कौन बना रहा है?

नवयुवक इंजीनियरिंग कंपनी।

सिल्कयारा टनल बनने से किसके बीच की दूरी कम होगी?

सिल्कयारा टनल बनने से यमुनोत्री तथा गंगोत्री के बीच की दूरी कम हो जाएगी।

सिल्कयारा टनल बनने के बाद बरकोट और सिल्कयारा के बीच की दूरी कितनी कम हो जाएगी?

दोनों के बीच की दूरी 26 किलोमीटर है जो की सिल्कयारा टनल बनने के बाद घटकर मात्र 4:05 किलोमीटर रह जाएगी जिसकी वजह से सफर 1 घंटे पहले पूरा कर लिया जाएगा।

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