आज की तारीख में टिशु पेपर एक फैशन बन गया है। या यूं कह लीजिए एक नया ट्रेंड बन गया है। टिशू पेपर रेस्त्रां, कॉफी शॉप, मॉल्स, आइसक्रीम पार्लर आदि जगहों पर भरपूर मात्रा में इस्तेमाल होता है। हकीकत तो यह है कि आज की तारीख में टिशु पेपर अब छोटे-मोटे ढाबों पर भी  इस्तेमाल होने लग गया है चाय वाला भी आपको टिशू पेपर से ढककर चाय देता है। इसका चलन विदेशों में काफी ज्यादा है वहां ज्यादातर लोग हाथ धोने की बजाए टिशू पेपर का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। जिससे पानी की बचत और उनके समय की बचत भी होती है अब वही कल्चर भारत में बहुत तेजी से बढ़ रहा है, कहना गलत होगा बढ़ चुका है। आप देख सकते हैं सिनेमाघरों से लेकर किसी भी अन्य खाने की जगह पर दुकानदार आपको टिशू पेपर में लपेटकर अपना प्रोडक्ट देते हैं। अतः स्पष्ट है की टिश्यू पेपर की मांग दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है और यह अपने आप में एक व्यवसाय का अच्छा अवसर पैदा करता है। टिशू पेपर व्यवसाय में सबसे अच्छी बात यह है कि इस व्यवसाय में अधिक श्रम नहीं लगता है।

टिशू पेपर व्यापार FAQ

टिश्यू पेपर का बिज़नेस शुरू करने सम्बंधित पूरी जानकारी नीचे निरंतर पूछे जाने वाले सवालों के रूप में दी गयी है। उम्मीद करते हैं की इन सवालों से आपको टिश्यू पेपर बिज़नेस प्लान बनाने में मदद मिलेगी।

टिशू पेपर कैसे बनाते हैं?

 टिशू पेपर बनाने के लिए आवश्यक मैटेरियल पेपर रोल और टिश्यू पेपर मशीन होती है

पेपर रोल की कीमत प्रति केजी कितनी होती है (paper roll price per kg)?

पेपर रोल ₹55 प्रति किलोग्राम होता है।

टिशू पेपर बनाने की मशीन कैसी होती है?

टिशू पेपर बनाने की मशीन पूर्ण तरीके से स्वचालित (ऑटोमेटिक) होती है। पेपर बनाने वाली मशीन का मूल्य टिशू पेपर पर निर्भर करता है। बाजार में ज्यादातर 30 बाय 30 का टिश्यू पेपर बिकता है।

टिशू पेपर बनाने वाली मशीन की कीमत कितनी होती है?

टिशू पेपर बनाने वाली मशीन की कीमत ₹500000 होती है

टिशू पेपर बनाने की मशीन के लिए स्थान का चुनाव?

टिशू पेपर मशीन को स्थापित करने के लिए कम से कम 600 वर्ग फीट की आवश्यकता होती है

टिशू पेपर का बिजनेस शुरू करने के लिए कुल खर्च कितना होता है?

टिशू पेपर का व्यापार शुरू करने के लिए कम से कम 6 लाख से ₹7 लाख की आवश्यकता होती है।

टिशू पेपर बनाने की प्रक्रिया कैसी होती है?

पेपर रोल – मशीन में रोलिंग की जगह दी जाती है जिसमें आपको पेपर रोल सेट करना होगा। पेपर सेट करने के बाद पेपर रोल का एक हिस्सा मशीन में लगाया जाता है
रंगीन टिशु पेपर – डिशवॉशर मशीन में एक कलरिंग स्थान होता है जहां पर आप अपनी मनपसंद रंग डालकर उसी रंग का टिशू पेपर बना सकते हैं 
टिश्यू पेपर एम्बॉसिंग रोलर – मशीन में एम्बॉसिंग रोलर लगा होता है। जिससे टिशू पेपर गुजरता है तो वह पतला हो जाता है और पारदर्शी हो जाता है। 
फोल्डिंग सेक्शन –  एम्बॉसिंग प्रोसेस पूरा होने के बाद टिशू पेपर फोल्डिंग सेक्शन में प्रवेश करता है जहां उसे फोल्ड किया जाता है।
कटिंग – अब टिश्यू पेपर पूरी तरह से तैयार हो चुका है और उसकी कटिंग की जाती है।

टिशू पेपर लाइसेंस कैसे मिलता है (Tissue paper licence)

टिशू पेपर बिजनेस को स्थापित करने के लिए निम्नलिखित की आवश्यकता होती है
उद्योग आधार MSM पंजीकरण 
ट्रेड लाइसेंस 
पोलूशन कंट्रोल बोर्ड की तरफ से एनओसी सर्टिफिकेट लेना जरूरी है
फैक्ट्री की स्थापना के लिए लाइसेंस
व्यापार का पंजीकरण 
निर्यात के लिए आईईसी संख्या की आवश्यकता पड़ती है 

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *